चिरायता का काढ़ा बनाने की विधि – लाखो की दवाई भी फैल है चिरायते के आगे

आज की इस पोस्ट में, हम आपको बताएंगे कि चिरायते का काढ़ा कैसे बनाये और चिरायता का काढ़ा बनाने की विधि step by step। बहुत सारे से लोग मुझसे पूछते रहते हैं चिरायता टाइफाइड बुखार के लिए क्या प्रभावी है, और मेरा उत्तर हमेशा रहता है की हां! बिलकुल। यह सिर्फ टाइफाइड ही नहीं बल्कि और भी विभिन्न बुखारों के लिए फायदेमंद है, यहां तक कि मलेरिया जैसे बुखार में भी इसका उपयोग किया जा सकता है। किसी ने टाइफाइड के लिए इसकी प्रभावशीलता के बारे में पूछा, और बिल्कुल, यह कमाल का काम करता है। अगर आप चिरायते का काढ़ा बनाना सीखना चाहते है, तो मैं यहां आपको उसकी सरल बिधि बताने वाले है।

सामग्री

सबसे पहले, आपको अपने सामग्री इकट्ठा करनी होगी। आपको 25 ग्राम चिरायता और आधे लीटर पानी की आवश्यकता होगी। अब चलो शुरुआत करते हैं। अगर आपके पास चिरायते नहीं है नहीं है तो आप बेस्ट quality चिरायता यहाँ क्लिक करके amazon से खरीद सकते है 200 रुपया कही आता है।

सामग्री की लिस्ट :

  1. आधा लीटर पानी
  2. 25 ग्राम चिरायता
  3. एक पतीला पानी और चिरायता को उबलने के लिए
  4. एक छन्नी पानी को छन्ने के लिए

चिरायता का काढ़ा बनाने की सरल विधि:

चिरायता का काढ़ा बनाने की विधि 1

स्टेप 1: एक पॉट लें और उसमे आधा लीटर पानी ले और उसमे 25 ग्राम चिरायता डाल देना है अब इसको चम्मच से थोड़ा हिला लीजिये इससे चिरायता पानी में अच्छे से भीग जायेगा।

चिरायता का काढ़ा बनाने की विधि 2

स्टैप 2 : 25 ग्राम चिरायता को आधा लीटर पानी से भरे पतीले में अचे से भिगोने के बाद उसको एक रात के लिए धक् के रख दीजिये। सुबह को जब आप इसको देखेंगे तब आपको यह पहले से गाड़ा रंग का देखने को मिलेगा।

चिरायता का काढ़ा बनाने की विधि 3

स्टेप 3 : अब उस रात भर रखे मिश्रण को चूले में बैठा दे और चुला जला दे और धीमी आंच में चिरायते के मिश्रण को उबलने को रख दे। जब यह उबालना सुरु होजाये तब इसमें स्वाद अनुसार नमक डालना होगा नमक डालने से इसका कड़ापन काम होजायेगा।


स्टेप 4 : जब यह अचे पाक जाये तब इसका रंग और रूप और गाढ़ा होजायेगा तब आप काढा को चले सा उतर सकते है और मिश्रण को छन्ने से अच्छे से छान लें। लीजिये आपका काढ़ा बनके तैयार है आप इसको किसी कंटेनर या बोतल में भरकर रख सकते है। इसे छान लें और एक साफ कंटेनर में स्टोर करें, अधिक लाभ के लिए, इसे दिन में दो बार खाली पेट लें।

  • इसे एक महीने तक फ्रिज में रख सकते है। बाहर रखने पर, यह 15 दिन तक अच्छा रहेगा।

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चिरायता के लाभ:

1. श्वास संबंधी समस्याओं में सुधार: चिरायता आपकी श्वास तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे आपकी सांसें स्वतंत्रता से बह सकती हैं।

2. इम्यून सिस्टम को मजबूत करें: यह आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में सक्षम है, जिससे आप बीमारियों से बच सकते हैं।

3. आंतरिक साफ़ी को बढ़ावा दें: चिरायता का सेवन करने से आपके शरीर की आंतरिक साफ़ी में सुधार हो सकती है, जिससे आपकी पाचन प्रक्रिया भी सुधारित होती है।

4. डायबिटीज का प्रबंधन: इसका नियमित सेवन डायबिटीज को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है, ताकि आपका शुगर स्तर संतुलित रहे।

चिरायते के काढ़ा उपयोग के निर्देश:

इसे निम्नलिखित प्रकार से सुरक्षित रूप से उपयोग करें:

  1. सावधानी से सेवन करें: इसे अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। अधिकतम मात्रा और सही तरीके के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
  2. नियमित सेवन करें: इसे नियमित रूप से लेना है ताकि इसके लाभ पूरे रूप से हो सकें।
  3. पूर्ण डाइट के साथ सेवन करें: स्वस्थ और पौष्टिक आहार के साथ मिलाकर सेवन करना बेहतर होता है।
  4. प्रेग्नेंट या स्तनपान कर रही महिलाएं सावधानी बरतें: ऐसी महिलाओं को चिरायता सेवन से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

चिरायते का काढ़ा विभिन्न बुखारों के लिए एक प्राकृतिक उपचार है, इसे टाइफाइड सहित। यदि आप उत्तरदाता परिणामों के लिए कदमों का सही तरीके से पालन करते हैं, तो सबसे अच्छा परिणाम मिलेगा।

चिरायता का काढ़ा न केवल बुखार से निपटने में मदद करता है, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य को और भी बढ़ावा देने में सक्षम है। यह विभिन्न रोगों से बचाव के लिए आपके शरीर को शक्ति प्रदान कर सकता है।

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