कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि – कोलेस्ट्ररोल कम करने के लिए पतंजलि की कोनसी दवाई बेस्ट है?

आज की तेज गति बाली दुनिया में अपने स्वस्थ के बारेमें सोचना बहुत जरुरी है और इनसब के बिच बिविन्या जीवनशैली सम्बंधित बीमारिया जैसे हाई ब्लड प्रेसर, फैटी लिवर और भी बहुत सारे बीमारी के बिच कोलेस्ट्रॉल एक तेजी से फैलने वाली बीमारी है क्यूंकि अक्सर लोग हाई ब्लड प्रेसर, कोलेस्ट्रॉल जैसे बिषय के बारेमे जागरूक नहीं है और इसी बिच धीरे धीरे बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के लक्षण को ध्यान नहीं देते।

इस समय ऐसा भी हो सकता है की आपके सरीर में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया हो और आप इससे पूरी तरह से अनजान हो। इस बीमारी के कारन दिल का दौरा भी पढ़ सकता है क्यूंकि कोलेस्ट्रॉल होने के कारन खून और ऑक्सीजन सही तरीके से पहुचने में बाधा आता है और यही मुख्या कारन है दिल का दौरा पढ़ने का।

आजकी इस लेख में जानेगे कोलेस्ट्रॉल के बारेमे और कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि का कोनसा सबसे अच्छा और कारगर है और पतंजलि कोलेस्ट्रॉल की दवाई को कैसे सेबन करना है। पतंजलि एक प्रसिद्ध ब्रांड है जो प्रकितिक और भरोसेमंद उत्पाद बनती है पतंजलि के कई सारे उत्पाद है जोकि कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने का दावा करता है और आज हम उनसब पतंजलि कोलेस्ट्रॉल की दवा के बारेमे जानेंगे की कोनसा दवाई अच्छा रहेगा आपके लिए, क्या आपको ये दवाई नियमित रूप से लेनी चाहिए या नहीं और क्या साबधानियॉ बरतनी चाहिए कोलेस्ट्रॉल की दवाई लेनेसे पहले।

लेकिन इस लेख आगे बढ़ने से पहले हमें ये जानना बहुत जरुरी है की हाई कोलेस्ट्रॉल क्या है तभी हम एक बेस्ट कोलेस्ट्रॉल की दवाई चुन सकते है, चलिए सबसे पहले जानते है की…

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

what is cholesterol

कोलेस्ट्रॉल मुंग की तरह एक पीला रंग का पदार्थ होता है और ये हमारे सरीर के बाकि पदार्थ जैसे ही अत्यंत महत्यपूर्ण है क्यूंकि कोलेस्ट्रॉल लिवर में मौजूद पित्त में एसिड उत्पन्न करता है जो हमारे पाचन में मदद करता है और आपको जानके हैरानी होगी की 70% कोलेस्ट्रॉल हमारी लिवर ही बनता है और केबल 30% कोलेस्ट्रॉल हमारे भोजन से मिलती है।

अब बात आती है की कोलेस्ट्रॉल कितनी प्रकार की होती है? तो में आपकी जानकारी के लिए बता दू की कोलेस्ट्रॉल 2 प्रकार की होती है LDL और HDL.

HDL यानिकि High density lipoprotein एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल है और ये आपके सरीर में आबस्यक है लेकिन LDL यानि Low density lipoprotein जोकि बुरा कोलेस्ट्रॉल मन जाता है और यही वो कोलेस्ट्रॉल है जो हमारी धमनियों में जमने लगता है और LDL सबसे ज्यादा तले हुवे चीज़ो और नॉन-वेज में पाया जाता। इसके अलावा बटर, वेजिटेबल आयल, केक, अंडे, सिगरेट जैसे चीज़ो से भी बहुत तेज़ी से सरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और समय के साथ साथ यह हमारी धमनियों में जमना सुरु होता है और इसके कारन दिल का दौरा और ब्रेन स्टिके होनेका सम्भावना बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल कब होता है?

कोलेस्ट्रॉल मुख्या रूप से खाने पिने से ही सुरु होता है और जब हम अपने खाने पिने में ध्यान नहीं देते तब कोलेस्ट्रॉल हमारे सरीर में बढ़ना सुरु होता है जिन चीजों में अधिक तेल और चर्बी होती है जैसे कोई भी ताली हुवी चीजे, मांस, दूध, अंडे, बटर, और मिठाईया जैसी चीजे शामिल है। ये सब चीज़े अतिरिक्त परिमाण में लम्बे समय से खाने से कोलस्ट्रोल की मात्रा बढ़ना सुरु होता हे और ये कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जम जाता है जिससे समय के साथ नसों में दबाब और रुकाबट का कारन बनती है।

कोलेस्ट्रॉल की लक्षण :

हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर कई सरे लक्षण हमारे सरीर में दिखाई देती है जिनको हम नजर अंदाज कर बैठते तो अभी हम जानेंगे कोलेस्ट्रॉल होने में क्या क्या लक्षण देखने को मिलता है।

  1. आँखों के आसपास पीला गांठे: पीला गांठे, जिन्हे गांठेलास्मा भी कहा जाता है ये उच्य कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है। ये गांठे कोलेस्ट्रॉल और अन्य लिपिड के संचय के कारन होती है अक्सर इन्हे आँखों के आसपास ही देखा जाता है लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्सों में भी पाया जा सकता है, जैसे की कोहनिया, घुटने और हाथो में।
  2. सीने में दर्द : सीने में दर्द भी कोलेस्ट्रॉल का कारन से होता सकता है और ये एक आम लक्षण है। चेस्ट पैन या सीने में दर्द दिल की मासपेशियो तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन न पहुचने के कारन होता है और हार्ट या सीने में रक्त, ऑक्सीजन न पहुचने का मुख्या कारन ये है कि घमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमना। ये सीने में दबाब या सिकोड़ने के रूप में महसूस होता है और यह कंधो, बहो, गर्दन तक महसूस हो सकता है।
  3. सास लेने में तकलीफ : साँस लेने में तकलीफ भी एक और कारन है हाई कोलेस्ट्रॉल होने का। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारन रक्त में मौजूद ऑक्सीजन का प्रभाब कम जाता है इसके कारन सास लेने में तकलीफ होता है।
  4. पैरो में सूजन और थकबाट : सूजन भी एक संकेत है उच्य कोलेस्ट्रॉल का जब कोलेस्टॉल रक्त धमनियों में जमता है तब टखनों तक रक्त प्रबाह काम होजाता है इसके कारन टखनों में सूजन होता है इसके अलावा ज्यादा थकन भी कोलेस्ट्रॉल का कारन होता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि का :

योग गुरु बाबा रामदेव के मार्गदर्शन में निर्मित पतंजलि कई सारि आयुर्वेदिक दवाई बनती है जो दवा करती है बिविन्या स्वस्थ समस्या का समाधान, इन सब दवाइयों मे से कई सारि दवाई मिलती है पतंजलि के तरफ से जोकि उच्य कोलेस्ट्रॉल को कम करता है लेकिन कोनसा कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाई बेस्ट है पतंजलि की तरफ से और इनका सेबन कैसे करना है ये हम जानेंगे।

Patanjali Divya Lipidom – पतंजलि दिव्या लिपिडोम :

कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि

पतंजलि यानिकि दिव्या फार्मेसी की द्वारा निर्मित पतंजलि दिव्या लिपिडोम टेबलेट एक कारगर आयुर्वेदिक औसधि है जो सिर्फ कोलेस्ट्रॉल काम ही नहीं बल्कि dyslipidemia यानि अच्छा और बुरे कोलेस्ट्रॉल को नियमित करता है, काफी सरे लोग इस दवाई की सेबन और सराहना करते दिखाई देंगी आपको अगर आप ऑनलाइन रिव्यु खोजेंगे इस टेबलेट के बारेमे। तो चलिए जानते है लिपिडोम टेबलेट क्यों इतना असरदार दवाई है कोलेस्ट्रॉल के लिए।

दिव्या लिपिडोम के फायदे: कोलेस्ट्रॉल में दिव्या लिपिडोम टेबलेट इस्तेमाल करने के कई फायदे है जिसको हमने निचे बिस्तार में बताया है।

  1. Dyslipidemia को नियंत्रण : dyslipidemia तब होता है जब HDL जोकि गुड कोलेस्ट्रॉल है और LDL जो बेड कोलेस्ट्रॉल होता है इसमें संतुलन बिगड़ जाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का मात्रा घट जाता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल का मात्रा बढ़ जाता है। पतंजलि लिपिडोम टेबलेट इसको संतुलित करता है।
  2. शुगर मात्रा को संतुलन: जिनका शुगर की बीमारी है उनको ज्यादा खतरा रहता है कोलेस्ट्रॉल होनेका और दिव्या लिपिडोम टेबलेट में मौजूद सामग्री जैसे अर्जुन,लौकी, लहसुन, दालचीनी, गुग्गुल; आपके सरीर के शुगर मात्रा को बैलेंस/संतुलित करने में मदद करता है।
  3. फैट मेटाबोलिज्म बढ़ाबा देना : फैट मेटाबोलिज्म हमारे सरीर में होने के कारन ये LDL यानि बुरे कोलेस्ट्रॉल के मात्रा को काम करने में मदद करता है जिससे हमारे हृदय की सेहद सुरक्षित रहती है।

पतंजलि कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा कैसे सेबन करे?

कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने के लिए आपको दिव्या लिपिडोम टेबलेट की सेबान बिधि जानना और नियमित रूप से सेबन करना बहुत ही जरुरी है तो चलिए सेबन बिधि जानते है।

  • खुराक: लिपिडोम दवा को दिन में 2 बार आमतौर पर खाना खाने के बाद लेना होता है।
  • नियमितता: लिपिडोम दवा को नियमित रूप से ले। आपके डकटर द्वारा निर्धारित समय सरणी का पालन करे।
  • किसके साथ लेना है? इस कोलेस्ट्रॉल की दवाई को गुनगुने पानी के साथ दिन में 2 बार लेना है भोजन के बाद।

पतंजलि दिव्या लिपिडोम टेबलेट की कीमत?

पतंजलि लिपिडोम टेबलेट की कीमत बहुत काम है अन्य कोलेस्ट्रॉल कम करनेकी दवाई के मुकाबले इसकी एक बोतल में 60 टेबलेट रहता है और एक पैक का कीमत है 430 रुपया ऑनलाइन वेबसाइट Amazon पर। लेकिन लिपिडोम की कीमत हर समय ऊपर निचे होती रहती है तो आप यहाँ पर क्लिक करके इसका लेटेस्ट कीमत पता कर सकते है 

तो अपने ये आर्टिकल पढ़के जान ही लिया होगा की कोलेस्ट्रॉल क्या है, कैसे होता है, कोलेस्ट्रॉल होने के लक्षण और कोलेस्ट्ररोल को कम करने के लिए पतंजलि की कोनसी दवाई बेस्ट है, लेकिन अंत में मेरी तरफ से एक ही सलाह ये रहेगी की सबसे पहले किसी एक्सपर्ट या डॉक्टर से बात करले की ये आयुर्वेदिक टेबलेट लेने से पहले और नियमित कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करना भी आबस्यक है।

 

कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि – कोलेस्ट्ररोल कम करने के लिए पतंजलि की कोनसी दवाई बेस्ट है?

आज की तेज गति बाली दुनिया में अपने स्वस्थ के बारेमें सोचना बहुत जरुरी है और इनसब के बिच बिविन्या जीवनशैली सम्बंधित बीमारिया जैसे हाई ब्लड प्रेसर, फैटी लिवर और भी बहुत सारे बीमारी के बिच कोलेस्ट्रॉल एक तेजी से फैलने वाली बीमारी है क्यूंकि अक्सर लोग हाई ब्लड प्रेसर, कोलेस्ट्रॉल जैसे बिषय के बारेमे जागरूक नहीं है और इसी बिच धीरे धीरे बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के लक्षण को ध्यान नहीं देते।

इस समय ऐसा भी हो सकता है की आपके सरीर में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया हो और आप इससे पूरी तरह से अनजान हो। इस बीमारी के कारन दिल का दौरा भी पढ़ सकता है क्यूंकि कोलेस्ट्रॉल होने के कारन खून और ऑक्सीजन सही तरीके से पहुचने में बाधा आता है और यही मुख्या कारन है दिल का दौरा पढ़ने का।

आजकी इस लेख में जानेगे कोलेस्ट्रॉल के बारेमे और कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि का कोनसा सबसे अच्छा और कारगर है और पतंजलि कोलेस्ट्रॉल की दवाई को कैसे सेबन करना है। पतंजलि एक प्रसिद्ध ब्रांड है जो प्रकितिक और भरोसेमंद उत्पाद बनती है पतंजलि के कई सारे उत्पाद है जोकि कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने का दावा करता है और आज हम उनसब पतंजलि कोलेस्ट्रॉल की दवा के बारेमे जानेंगे की कोनसा दवाई अच्छा रहेगा आपके लिए, क्या आपको ये दवाई नियमित रूप से लेनी चाहिए या नहीं और क्या साबधानियॉ बरतनी चाहिए कोलेस्ट्रॉल की दवाई लेनेसे पहले।

लेकिन इस लेख आगे बढ़ने से पहले हमें ये जानना बहुत जरुरी है की हाई कोलेस्ट्रॉल क्या है तभी हम एक बेस्ट कोलेस्ट्रॉल की दवाई चुन सकते है, चलिए सबसे पहले जानते है की…

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

what is cholesterol

कोलेस्ट्रॉल मुंग की तरह एक पीला रंग का पदार्थ होता है और ये हमारे सरीर के बाकि पदार्थ जैसे ही अत्यंत महत्यपूर्ण है क्यूंकि कोलेस्ट्रॉल लिवर में मौजूद पित्त में एसिड उत्पन्न करता है जो हमारे पाचन में मदद करता है और आपको जानके हैरानी होगी की 70% कोलेस्ट्रॉल हमारी लिवर ही बनता है और केबल 30% कोलेस्ट्रॉल हमारे भोजन से मिलती है।

अब बात आती है की कोलेस्ट्रॉल कितनी प्रकार की होती है? तो में आपकी जानकारी के लिए बता दू की कोलेस्ट्रॉल 2 प्रकार की होती है LDL और HDL.

HDL यानिकि High density lipoprotein एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल है और ये आपके सरीर में आबस्यक है लेकिन LDL यानि Low density lipoprotein जोकि बुरा कोलेस्ट्रॉल मन जाता है और यही वो कोलेस्ट्रॉल है जो हमारी धमनियों में जमने लगता है और LDL सबसे ज्यादा तले हुवे चीज़ो और नॉन-वेज में पाया जाता। इसके अलावा बटर, वेजिटेबल आयल, केक, अंडे, सिगरेट जैसे चीज़ो से भी बहुत तेज़ी से सरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और समय के साथ साथ यह हमारी धमनियों में जमना सुरु होता है और इसके कारन दिल का दौरा और ब्रेन स्टिके होनेका सम्भावना बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल कब होता है?

कोलेस्ट्रॉल मुख्या रूप से खाने पिने से ही सुरु होता है और जब हम अपने खाने पिने में ध्यान नहीं देते तब कोलेस्ट्रॉल हमारे सरीर में बढ़ना सुरु होता है जिन चीजों में अधिक तेल और चर्बी होती है जैसे कोई भी ताली हुवी चीजे, मांस, दूध, अंडे, बटर, और मिठाईया जैसी चीजे शामिल है। ये सब चीज़े अतिरिक्त परिमाण में लम्बे समय से खाने से कोलस्ट्रोल की मात्रा बढ़ना सुरु होता हे और ये कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जम जाता है जिससे समय के साथ नसों में दबाब और रुकाबट का कारन बनती है।

कोलेस्ट्रॉल की लक्षण :

हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर कई सरे लक्षण हमारे सरीर में दिखाई देती है जिनको हम नजर अंदाज कर बैठते तो अभी हम जानेंगे कोलेस्ट्रॉल होने में क्या क्या लक्षण देखने को मिलता है।

  1. आँखों के आसपास पीला गांठे: पीला गांठे, जिन्हे गांठेलास्मा भी कहा जाता है ये उच्य कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है। ये गांठे कोलेस्ट्रॉल और अन्य लिपिड के संचय के कारन होती है अक्सर इन्हे आँखों के आसपास ही देखा जाता है लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्सों में भी पाया जा सकता है, जैसे की कोहनिया, घुटने और हाथो में।
  2. सीने में दर्द : सीने में दर्द भी कोलेस्ट्रॉल का कारन से होता सकता है और ये एक आम लक्षण है। चेस्ट पैन या सीने में दर्द दिल की मासपेशियो तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन न पहुचने के कारन होता है और हार्ट या सीने में रक्त, ऑक्सीजन न पहुचने का मुख्या कारन ये है कि घमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमना। ये सीने में दबाब या सिकोड़ने के रूप में महसूस होता है और यह कंधो, बहो, गर्दन तक महसूस हो सकता है।
  3. सास लेने में तकलीफ : साँस लेने में तकलीफ भी एक और कारन है हाई कोलेस्ट्रॉल होने का। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारन रक्त में मौजूद ऑक्सीजन का प्रभाब कम जाता है इसके कारन सास लेने में तकलीफ होता है।
  4. पैरो में सूजन और थकबाट : सूजन भी एक संकेत है उच्य कोलेस्ट्रॉल का जब कोलेस्टॉल रक्त धमनियों में जमता है तब टखनों तक रक्त प्रबाह काम होजाता है इसके कारन टखनों में सूजन होता है इसके अलावा ज्यादा थकन भी कोलेस्ट्रॉल का कारन होता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि का :

योग गुरु बाबा रामदेव के मार्गदर्शन में निर्मित पतंजलि कई सारि आयुर्वेदिक दवाई बनती है जो दवा करती है बिविन्या स्वस्थ समस्या का समाधान, इन सब दवाइयों मे से कई सारि दवाई मिलती है पतंजलि के तरफ से जोकि उच्य कोलेस्ट्रॉल को कम करता है लेकिन कोनसा कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाई बेस्ट है पतंजलि की तरफ से और इनका सेबन कैसे करना है ये हम जानेंगे।

Patanjali Divya Lipidom – पतंजलि दिव्या लिपिडोम :

कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा पतंजलि

पतंजलि यानिकि दिव्या फार्मेसी की द्वारा निर्मित पतंजलि दिव्या लिपिडोम टेबलेट एक कारगर आयुर्वेदिक औसधि है जो सिर्फ कोलेस्ट्रॉल काम ही नहीं बल्कि dyslipidemia यानि अच्छा और बुरे कोलेस्ट्रॉल को नियमित करता है, काफी सरे लोग इस दवाई की सेबन और सराहना करते दिखाई देंगी आपको अगर आप ऑनलाइन रिव्यु खोजेंगे इस टेबलेट के बारेमे। तो चलिए जानते है लिपिडोम टेबलेट क्यों इतना असरदार दवाई है कोलेस्ट्रॉल के लिए।

दिव्या लिपिडोम के फायदे: कोलेस्ट्रॉल में दिव्या लिपिडोम टेबलेट इस्तेमाल करने के कई फायदे है जिसको हमने निचे बिस्तार में बताया है।

  1. Dyslipidemia को नियंत्रण : dyslipidemia तब होता है जब HDL जोकि गुड कोलेस्ट्रॉल है और LDL जो बेड कोलेस्ट्रॉल होता है इसमें संतुलन बिगड़ जाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का मात्रा घट जाता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल का मात्रा बढ़ जाता है। पतंजलि लिपिडोम टेबलेट इसको संतुलित करता है।
  2. शुगर मात्रा को संतुलन: जिनका शुगर की बीमारी है उनको ज्यादा खतरा रहता है कोलेस्ट्रॉल होनेका और दिव्या लिपिडोम टेबलेट में मौजूद सामग्री जैसे अर्जुन,लौकी, लहसुन, दालचीनी, गुग्गुल; आपके सरीर के शुगर मात्रा को बैलेंस/संतुलित करने में मदद करता है।
  3. फैट मेटाबोलिज्म बढ़ाबा देना : फैट मेटाबोलिज्म हमारे सरीर में होने के कारन ये LDL यानि बुरे कोलेस्ट्रॉल के मात्रा को काम करने में मदद करता है जिससे हमारे हृदय की सेहद सुरक्षित रहती है।

पतंजलि कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा कैसे सेबन करे?

कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने के लिए आपको दिव्या लिपिडोम टेबलेट की सेबान बिधि जानना और नियमित रूप से सेबन करना बहुत ही जरुरी है तो चलिए सेबन बिधि जानते है।

  • खुराक: लिपिडोम दवा को दिन में 2 बार आमतौर पर खाना खाने के बाद लेना होता है।
  • नियमितता: लिपिडोम दवा को नियमित रूप से ले। आपके डकटर द्वारा निर्धारित समय सरणी का पालन करे।
  • किसके साथ लेना है? इस कोलेस्ट्रॉल की दवाई को गुनगुने पानी के साथ दिन में 2 बार लेना है भोजन के बाद।

पतंजलि दिव्या लिपिडोम टेबलेट की कीमत?

पतंजलि लिपिडोम टेबलेट की कीमत बहुत काम है अन्य कोलेस्ट्रॉल कम करनेकी दवाई के मुकाबले इसकी एक बोतल में 60 टेबलेट रहता है और एक पैक का कीमत है 430 रुपया ऑनलाइन वेबसाइट Amazon पर। लेकिन लिपिडोम की कीमत हर समय ऊपर निचे होती रहती है तो आप यहाँ पर क्लिक करके इसका लेटेस्ट कीमत पता कर सकते है 

तो अपने ये आर्टिकल पढ़के जान ही लिया होगा की कोलेस्ट्रॉल क्या है, कैसे होता है, कोलेस्ट्रॉल होने के लक्षण और कोलेस्ट्ररोल को कम करने के लिए पतंजलि की कोनसी दवाई बेस्ट है, लेकिन अंत में मेरी तरफ से एक ही सलाह ये रहेगी की सबसे पहले किसी एक्सपर्ट या डॉक्टर से बात करले की ये आयुर्वेदिक टेबलेट लेने से पहले और नियमित कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करना भी आबस्यक है।